Madhya Pradesh PM Krishak Mitra Yojana 2025: सोलर पंप सब्सिडी अपडेट, पात्रता, रजिस्ट्रेशन और पूरा विवरण

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Madhya Pradesh PM Krishak Mitra Yojana 2025: सोलर पंप सब्सिडी अपडेट, पात्रता, रजिस्ट्रेशन और पूरा विवरण

मध्य प्रदेश देश के उन राज्यों में से है जहाँ बड़ी संख्या में किसान सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भर रहते हैं। कई गांवों में अभी भी पर्याप्त बिजली नहीं पहुँच पाती, जिससे किसान रात में जागकर मोटर चलाते हैं या फिर मजबूरी में डीजल का इस्तेमाल करते हैं। इससे न केवल उनकी कमाई घटती है, बल्कि लागत भी बढ़ जाती है। लंबे समय से किसान ऐसी तकनीक की मांग कर रहे थे जो सिंचाई को आसान बनाए और उनका खर्च भी कम करे।

इन्हीं समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना का अपडेटेड वर्ज़न पेश किया है, जिसके तहत किसानों को भारी सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जाएंगे। यह योजना 24 जनवरी 2025 से लागू है और अभी इसके लिए नए पंजीकरण शुरू हो चुके हैं।


प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना 2025 क्या है?

यह योजना किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप मुहैया कराने पर आधारित है। सरकार का उद्देश्य किसानों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर बिजली उपलब्ध कराना है।

अब जो नया अपडेट आया है, उसके बाद यह योजना पहले से कहीं ज्यादा लाभकारी हो गई है। खासतौर पर उन किसानों के लिए जिनके पास कम क्षमता वाले अस्थाई बिजली कनेक्शन हैं, जो सिंचाई के समय अक्सर ट्रिप या फेल हो जाते हैं।


योजना का नया अपडेट: 90 प्रतिशत सब्सिडी

कैबिनेट के नए निर्णय के अनुसार, अब किसान 7.5 हॉर्स पावर क्षमता वाले सोलर पंप 90 प्रतिशत सब्सिडी पर प्राप्त कर सकेंगे।

मध्य प्रदेश में वर्तमान में लगभग 3 लाख किसान अस्थाई 3 HP और 5 HP बिजली कनेक्शन पर निर्भर हैं। इनमें से अधिकतर किसान कम वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण सिंचाई के समय परेशान होते हैं।

नए अपडेट के बाद किसान को केवल 10 प्रतिशत लागत चुकानी होगी।
बाकी 90 प्रतिशत राशि सरकार वहन करेगी।

इससे छोटे और मध्यम किसान भी आसानी से सोलर पंप लगवा सकेंगे।


सोलर पंप किसानों के लिए कैसे मददगार हैं?

सोलर पंप खेती-किसानी के लिए ऊर्जा की स्थायी व्यवस्था प्रदान करते हैं। इनके कई लाभ हैं:

दिन में सिंचाई करने की सुविधा
किसान को रात में जागकर सिंचाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी।

डीजल पर होने वाला खर्च खत्म
सोलर पंप पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चलते हैं, जिससे किसान के सालाना खर्च में बड़ी बचत होती है।

बिजली कटौती का तनाव खत्म
गांवों में बिजली अक्सर कब आएगी, कब जाएगी, इसका भरोसा नहीं रहता। सोलर पंप से यह समस्या खत्म हो जाती है।

लंबे समय में फायदा
एक बार लगाने के बाद सोलर पंप 15 से 20 साल तक चल सकता है, जबकि रखरखाव भी कम होता है।

पर्यावरण के अनुकूल
यह स्वच्छ ऊर्जा है, जिससे प्रदूषण नहीं फैलता और डीजल की खपत भी घटती है।


योजना के तहत किन किसानों को मिलेगा लाभ?

मध्य प्रदेश के सभी किसान इस योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन खासतौर पर निम्न समूह को प्राथमिकता दी जाएगी:

अस्थाई बिजली कनेक्शन वाले किसान
कम क्षमता वाले 3 HP और 5 HP मोटर उपयोग करने वाले किसान
छोटे और सीमांत किसान
बिजली कटौती वाले ग्रामीण क्षेत्र
वे किसान जो डीजल पंप का उपयोग करते हैं

सरकार के अनुसार लाभार्थियों का चयन मौजूदा किसान डेटा बेस और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।


किसानों को अपने खर्च का कितना भुगतान करना होगा?

कुल लागत का केवल 10 प्रतिशत किसान को देना होगा।

उदाहरण के तौर पर:
यदि सोलर पंप की कुल लागत 2 लाख रुपये है
तो किसान को केवल 20 हजार रुपये देने होंगे
बाकी 1.80 लाख रुपये सरकार सब्सिडी के रूप में देगी।


योजना लागू होने की तिथि और वर्तमान स्थिति

यह योजना 24 जनवरी 2025 से लागू कर दी गई है और इसी तारीख से लाभार्थियों का चयन शुरू हो चुका है।

नवंबर 2025 के इस अपडेट के अनुसार:
नया पंजीकरण जारी है
किसानों का चयन जिला स्तर पर किया जा रहा है
ऊर्जा विभाग जल्द ही विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा


क्यों किया गया यह अपडेट?

मध्य प्रदेश में बिजली सप्लाई से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से किसानों को परेशान कर रही थीं। अस्थाई कनेक्शन पर मोटर चलाने वाले किसान अक्सर वोल्टेज गिरने की वजह से सिंचाई पूरी नहीं कर पाते।

इसके अलावा डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की लागत बढ़ा दी थी। सरकार चाहती है कि किसान सिंचाई खर्च से मुक्त हों और खेती की उत्पादकता बढ़े।

सोलर पंप किसानों को दिन में सिंचाई की सुविधा देते हैं, जिससे न केवल फसल बेहतर होती है बल्कि मजदूरी, डीजल और बिजली का खर्च भी काफी कम हो जाता है।


ऊर्जा विभाग की भूमिका

ऊर्जा विभाग इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी संभाल रहा है। विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा जिसमें बताया जाएगा:

किसान को आवेदन कैसे करना है
सोलर पंप की क्षमता कैसे तय होगी
निरीक्षण व सत्यापन कैसे होगा
सब्सिडी का भुगतान कैसे होगा

दस्तावेजों का सत्यापन मौजूदा किसान डेटा बेस के आधार पर किया जाएगा ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सके।


किसान संगठनों की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश के कई किसान संगठनों ने इस अपग्रेडेड योजना का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि:

छोटे किसानों को इससे बहुत राहत मिलेगी
सोलर पंप की वजह से खेती का खर्च कम होगा
बिजली की अनिश्चितता से मुक्ति मिलेगी
डीजल खर्च बचने से किसानों की आय बढ़ेगी

कई किसान नेताओं का मानना है कि यह योजना आने वाले सालों में खेती को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बना देगी।


किसानों को मिलने वाले मुख्य लाभ: सारांश

केवल 10 प्रतिशत भुगतान
7.5 HP सोलर पंप की सुविधा
दिन में सिंचाई
डीजल और बिजली का खर्च खत्म
बिजली कटौती की समस्या से छुटकारा
लंबे समय तक चलने वाला पंप
कम रखरखाव
पर्यावरण के अनुकूल


सोलर पंप कैसे बदलेगा किसानों का भविष्य?

सोलर ऊर्जा आने वाले समय में खेती का आधार बनने जा रही है। आज जहां किसान बिजली कटौती, डीजल महंगाई और अस्थाई कनेक्शन की समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं सोलर पंप उन्हें स्थायी समाधान प्रदान करेगा।

इसके बड़े प्रभाव निम्न हो सकते हैं:

खेती लागत में भारी कमी
फसल उत्पादन में बढ़ोतरी
मजदूरी की बचत
कम समय में सिंचाई
आत्मनिर्भर खेती की ओर कदम


आगे क्या होने वाला है?

सरकार जल्द ही:

जिलेवार चयन सूची जारी करेगी
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी
स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित करेगी
पंप इंस्टॉलेशन के लिए कंपनियों का चयन करेगी

अभी किसान केवल पंजीकरण की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।


मध्य प्रदेश प्रधानमंत्री कृषक मित्र योजना 2025 किसानों के लिए एक बड़ा कदम है। यह न केवल बिजली की समस्या से राहत देगा बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

90 प्रतिशत सब्सिडी से यह योजना गरीब और छोटे किसानों के लिए भी सुलभ हो गई है। आने वाले समय में यह योजना खेती के तरीके बदल देगी और मध्य प्रदेश को सोलर आधारित कृषि की दिशा में आगे बढ़ाएगी।

Leave a Comment