
DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? किसानों के लिए कौन-सी खाद सबसे असरदार है | 2025 का सबसे सरल गाइड
DAP, TSP, SSP और NPK में क्या फर्क है? किसानों के लिए कौन-सी खाद सबसे असरदार है | 2025 का सबसे सरल गाइड
भारत में खेती की असली ताकत तीन चीज़ों पर टिकी होती है—मिट्टी, पानी और उर्वरक।
अगर उर्वरक का चुनाव सही हो जाए, तो फसल की पैदावार में 15–20% तक बढ़ोतरी होना बिल्कुल सामान्य बात है।
यही कारण है कि किसान अक्सर पूछते हैं—
DAP अच्छा है या SSP?
TSP कब डालें?
NPK हर फसल में डाल सकते हैं क्या?
सबसे असरदार खाद कौन-सी है?
👉 पहला सवाल: ये चारों खाद हैं क्या?
सभी खादें—DAP, TSP, SSP और NPK—फॉस्फेटिक (Phosphatic) व नाइट्रोजन-पोटाश वाली उर्वरक श्रेणी में आती हैं।
इनका मुख्य काम होता है:
- मिट्टी में पोषक तत्व देना
- जड़ विकसित करना
- पौधे की बढ़त बढ़ाना
- दाने भरना और फूल-फल का विकास करना
हर खाद का अपना अलग असर है। इसी वजह से इन्हें समझना ज़रूरी है।
📌 DAP, TSP, SSP और NPK का मुख्य अवलोकन (Table Block)
| खाद का नाम | मुख्य पोषक तत्व | विशेषता |
|---|---|---|
| DAP (Diammonium Phosphate) | N 18%, P 46% | जड़ विकास और शुरूआती ग्रोथ के लिए बेहतरीन |
| TSP (Triple Super Phosphate) | P 46–48% (नाइट्रोजन नहीं) | गहरी जड़ वाली फसलों के लिए सबसे अच्छा |
| SSP (Single Super Phosphate) | P 16%, सल्फर 11–12%, कैल्शियम | तिलहन-दालों के लिए आदर्श; सल्फर की कमी पूरी करता है |
| NPK (मिश्रित खाद) | फॉर्मूला के अनुसार N, P, K | सभी फसलों के लिए संतुलित पोषण |
📍 DAP खाद क्या है? क्यों सबसे ज्यादा बिकती है?
DAP = 18% Nitrogen + 46% Phosphorus
यह किसानों की सबसे पसंदीदा खाद है क्योंकि:
- जल्दी असर दिखाती है
- पानी में तेजी से घुलती है
- जड़ों का विकास तेज
- गेहूं, धान, मक्का, दालें—सभी में कारगर
DAP कब डालें?
- बुवाई के समय (Basal Dose)
- रबी सीजन (ठंडी फसलें)
- मिट्टी में P की कमी होने पर
DAP के नुकसान
- ज़्यादा डालने से मिट्टी कठोर हो सकती है
- नाइट्रोजन का वाष्पीकरण होता है
- लगातार उपयोग से मिट्टी में सल्फर की कमी बढ़ती है
DAP कब न डालें?
- जिन जमीनों में फॉस्फोरस पहले से बहुत है
- जहां सल्फर की भारी कमी है (तिलहन क्षेत्र)
📍 TSP Fertilizer क्या है? DAP से कैसे अलग है?
TSP = 46–48% Phosphorus (0% Nitrogen)
इसमें सिर्फ फॉस्फोरस मिलता है, जिससे:
- जड़ गहरी और मजबूत बनती है
- जड़ फसलें इसे जल्दी सोखती हैं
TSP किन फसलों में सबसे असरदार?
- आलू
- प्याज
- गन्ना
- गाजर
- कपास
- जूट
DAP की कमी हो तो विकल्प
TSP + 20 किलो यूरिया = DAP जैसा असर
TSP के नुकसान
- सल्फर नहीं मिलता
- बाजार में कम उपलब्ध
- NPK संतुलन खुद बनाना पड़ता है
📍 SSP Fertilizer — सल्फर युक्त सबसे सस्ती खाद
SSP = 16% Phosphorus + 11–12% Sulphur + Calcium
SSP को “देसी किसान की खाद” कहा जाता है क्योंकि:
- सबसे सस्ती
- गांवों में आसानी से उपलब्ध
- सल्फर की कमी मिटाती है
SSP किसके लिए बेस्ट?
- तिलहन (सरसों, मूंगफली, सूरजमुखी)
- दालें
- सब्जियां
- प्याज-लहसुन
भारत में 40% मिट्टी में सल्फर की कमी पाई जाती है।
SSP इस कमी को दूर करके पैदावार बढ़ाती है।
DAP का विकल्प (बहुत उपयोगी फार्मूला)
3 बैग SSP + 1 बैग यूरिया = 1 बैग DAP का पूरा असर
SSP के फायदे
- मिट्टी को मुलायम बनाती है
- फसल को हरा-भरा रखती है
- फूल-फल बढ़ता है
📍 NPK Fertilizer क्या है? क्यों सबसे संतुलित खाद कहलाती है?
NPK कई फॉर्मूले में आती है:
- 10:26:26
- 12:32:16
- 19:19:19
- 20:20:20
इन तीनों पोषक तत्वों का संतुलन इसे सबसे उपयोगी खाद बना देता है।
NPK के फायदे
- दाने भरने में मदद
- फल वाली फसलों में शानदार असर
- ड्रिप सिंचाई में उपयोगी
- फूल-फल और विकास दोनों में काम
NPK vs DAP
| NPK | DAP |
|---|---|
| N, P, K तीनों मिलते हैं | केवल N + P |
| फल में बेहतर | जड़ और शुरुआत में बेहतर |
| महंगी | सब्सिडी में सस्ती |
📍 कौन-सी खाद किस फसल में डालें? (किसान गाइड)
गेहूं-धान
- DAP
- या NPK 12:32:16
तिलहन-दालें
- SSP
- या NPK
आलू-प्याज-गन्ना
- TSP + यूरिया
- या NPK
फल-सब्जियां
- NPK 19:19:19
- साथ में जैविक खाद
📍 खाद का सही उपयोग कैसे करें?
1. हमेशा मिट्टी परीक्षण करवाएं
Soil Health Card से सही मात्रा पता चलती है।
2. उर्वरक बुवाई के समय डालें
Basal dose का असर ज़्यादा होता है।
3. कभी भी ओवरडोज़ न दें
ज्यादा खाद = नुकसान
4. सिंचाई के बाद खाद डालें
पोषक तत्व तेजी से घुलते हैं।
5. जैविक और रासायनिक खाद मिलाकर डालें
मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ रहती है।
📍 DAP, TSP, SSP और NPK — इन चारों का असली फर्क
| खाद | असर | उपयोग |
|---|---|---|
| DAP | तेज असर | बुवाई पर |
| TSP | जड़ बेहतर | आलू/गन्ना |
| SSP | सल्फर देता | तिलहन/दालें |
| NPK | संतुलित | सभी फसलें |
📍 किसानों के लिए अंतिम सलाह — कौन-सी खाद सबसे असरदार?
किसी एक खाद को “सबसे अच्छी” कहना गलत होगा।
फसल और मिट्टी के आधार पर सही खाद तय होती है।
विशेषज्ञ सलाह:
- संतुलित उपयोग = NPK सबसे उपयोगी
- फॉस्फोरस की कमी = DAP या TSP
- सल्फर की कमी = SSP
- फल-फूल = NPK + जैविक खाद
सरकार भी DAP की जगह SSP और NPK का उपयोग बढ़ाने पर ज़ोर देती है ताकि मिट्टी स्वस्थ रहे और किसान को अधिक उत्पादन मिले।
📍 निष्कर्ष
कृषि विज्ञान में कहा जाता है:
“सही खाद, सही मात्रा और सही समय पर—उसी में पैदावार छुपी है।”
DAP, TSP, SSP और NPK सभी की अपनी ताकत है।
किसान यदि मिट्टी की जरूरत के अनुसार चयन करें, तो पैदावार बढ़ना तय है।









