
सोयाबीन के दामों में भूचाल, एक झटके में 500 रुपये की तेजी – मंडी से आई बड़ी खबर
सोयाबीन के दामों में भूचाल, एक झटके में 500 रुपये की तेजी – मंडी से आई बड़ी खबर किसानों को वर्षों बाद मिला बड़ा फायदा, भाव पहुँचा 5751 रुपये क्विंटल
मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आज ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने पूरे कृषि बाजार को हिला दिया। लंबे समय से दबे हुए सोयाबीन के दामों में अचानक इतनी बड़ी उछाल आई कि किसानों के साथ-साथ व्यापारी भी चौंक गए।
बैतूल कृषि उपज मंडी से सामने आए ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि सोयाबीन ने आज सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
बैतूल मंडी से आई बड़ी खबर
दिनांक 30 जनवरी 2026 को बैतूल कृषि उपज मंडी में सोयाबीन पीला के भाव इस प्रकार दर्ज किए गए:
- न्यूनतम भाव – 4822 रुपये प्रति क्विंटल
- उच्चतम भाव – 5751 रुपये प्रति क्विंटल
- प्रचलित भाव – 5550 रुपये प्रति क्विंटल
- कुल आवक – 1526 बोरी
यह भाव बीते कुछ दिनों की तुलना में सीधे 300 से 500 रुपये की छलांग माने जा रहे हैं।

अचानक क्यों आसमान छूने लगे सोयाबीन के दाम?
सोयाबीन के भाव में आई इस तेज़ी के पीछे कई बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
1. मंडियों में भारी कमी
किसानों ने भाव कमजोर रहने के कारण लंबे समय से फसल रोक रखी थी। जैसे ही बाजार में माल कम हुआ, खरीदारों के बीच होड़ मच गई।
2. तेल मिलों की मजबूरी
तेल निकालने वाली कंपनियों और मिलों के पास स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। मजबूरी में उन्हें ऊंचे दाम पर खरीद करनी पड़ रही है।
3. अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
विदेशी बाजारों में सोयाबीन सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर भारतीय मंडियों पर पड़ रहा है।
4. किसान इस बार मजबूत स्थिति में
इस बार किसान जल्दबाजी में सौदा नहीं कर रहे हैं, जिससे बाजार पर उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।
क्या सोयाबीन 6000 रुपये पार करेगा?
मंडी जानकारों और व्यापारियों के अनुसार:
- अगर आवक इसी तरह कम रही
- और तेल कंपनियों की मांग बनी रही
तो आने वाले दिनों में सोयाबीन का भाव 6000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुँच सकता है।
हालांकि कमजोर क्वालिटी या नमी वाले माल में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अभी बेचना सही या रुकना फायदेमंद?
विशेषज्ञों की मानें तो:
- जिन किसानों को 5600 से 5750 रुपये तक का भाव मिल रहा है, उनके लिए यह बेहद मजबूत रेट है
- अच्छी क्वालिटी और साफ माल वाले किसान थोड़ा इंतजार कर सकते हैं
जल्दबाजी में बेचने से पहले मंडी के ताजा भाव जरूर देखें।
मंडी में प्रवेश को लेकर जरूरी सूचना
सभी किसानों को सूचित किया जाता है कि मंडी में प्रवेश का समय सुबह 5 बजे से 10 बजे तक निर्धारित है। समय का ध्यान न रखने पर परेशानी हो सकती है।
निष्कर्ष
सोयाबीन के भाव में आई यह तेज़ उछाल सिर्फ एक दिन की खबर नहीं, बल्कि बाजार का बड़ा संकेत है। लंबे समय बाद सोयाबीन किसानों के लिए उम्मीद की फसल बनकर उभरी है।
अगर यही हालात बने रहे, तो आने वाले दिनों में सोयाबीन एक बार फिर किसानों की आर्थिक रीढ़ साबित हो सकता है।









